सरकार द्वारा चलाई गई भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना पर सकंट जाने क्या है

By | January 28, 2020

इस योजना के तहत जयपुर के निजी अस्पतालों मैं 1 फरवरी से भामाशाह बीमा योजना के तहत इलाज नहीं किया जाएगा इसका कारण यह है कि इंश्योरेंस कंपनियों की ओर से सरकारी व नीजी अस्पतालों को भुगतान नहीं किया गया है। निजी अस्पताल मे उपचार नहीं करने की चेतावनी दी है। जानकारी के अनुसार प्रदेशभर में 1250–1350 से अधिक निजी अस्पतालों में मरीजों के भामाशाह योजना के तहत इलाज नहीं हो पाएगा।

प्राइवेट हॉस्पिटल एवं नर्सिंग होम्स सोसायटी के सचिव डॉ विजय कपूर ने बताया है कि 20% अस्पतालों ने इस योजना के तहत इस महीने से पहले ही इलाज करना बंद कर दिया लेकिन अगर इंश्योरेंस कंपनी इस माह के अंत तक आगे का रिकॉर्ड क्लियर कर देती है तो ही भामाशाह जीवन‌ बीमा योजना के तहत इलाज होगा नहीं तो नहीं होगा। उन्होंने बताया की न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी क्लेम दे रही थी 2से30माह पहले कंपनी का टर्नओवर पूरा हो गया था तब सरकार ने बकाया राशि भुगतान करने का आश्वासन दिलाया और इलाज नियमित करने को कहा था। लेकिन 13-14 दिसंबर 2019 के बाद भुगतान नहीं किया गया।

निजी व सरकारी अस्पतालों में लगभग 50-60 करोड़ का भुगतान नहीं किया गया है अभी भी यह क्लेम अटका हुआ है, अकेले एसएमएस अस्पताल का ही तीन से चार करोड़ रुपए का क्लेम अटका हुआ है। इस कारण अस्पतालों के अंदर डॉक्टरों की सैलरी व अन्य खर्च उठाने का भी नहीं कर रहे हैं क्योंकि इनको डर लग रहा है, खर्च व वहन उठाने का भी बहुत बड़ा संकट हो गया है। सही समय पर भुगतान न होने के कारण कोई भी इंश्योरेंस कंपनी आगे आने को तैयार नहीं है। इस कारण गरीब गरीब परिवार के लोगों पर बहुत बड़ा संकट आ गया है क्योंकि इस बीमा योजना के तहत लोगों का इलाज होता था लेकिन अब वह भी नहीं होगा जब तक की इंश्योरेंस कंपनियों का आगे का क्लेम पूरा नहीं किया जाए तब तक बीमा योजना का लाभ कोई भी नहीं उठा सकता। निजी अस्पतालों के अंदर इंश्योरेंस यानी बीमा योजना का कैसा अटका रहने के कारण अस्पताल में इलाज भी टाइम पर नही हो पा रहा है।

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